Saturday, 13 April 2019

लोकसभा निर्वाचन के दौरान दिव्यांगों को मतदान में मदद करेंगे दिव्यांग मित्र

लोकसभा निर्वाचन के दौरान दिव्यांगों को मतदान में मदद करेंगे दिव्यांग मित्र
खण्डवा एवं खालवा में दिव्यांग मित्रों को दिया गया प्रशिक्षण

खण्डवा 13 अप्रैल, 2019 - खण्डवा संसदीय क्षेत्र में आगामी 19 मई को तथा बैतूल संसदीय क्षेत्र में शामिल जिले के हरसूद विधानसभा क्षेत्र में आगामी 6 मई को लोकसभा निर्वाचन के लिए मतदान सम्पन्न होगा। इस दौरान दिव्यांगों को मतदान में कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए एक-एक दिव्यांग मित्र की नियुक्ति की जायेगी। अधिकांश मतदान केन्द्रों पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व रोजगार सहायकों को दिव्यांग मित्र के रूप में नियुक्त किया गया है। खण्डवा शहर में महादेवगढ़ हाॅल में  आयोजित प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांगों को सुगम्य मतदान के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी श्री संजय भारद्वाज ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देष पर दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए ट्राइसकिल, व्हील चेयर या अन्य वाहन की व्यवस्था की जा रही है। वाहन उन्हें घर से मतदान केन्द्र तक लायेगा तथा मतदान केन्द्र के द्वार से उन्हें मतदान केन्द्र के अंदर जाने के लिए उन्हें व्हील चेयर की सुविधा उपलब्ध रहेगी, ताकि वे ससम्मान अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। इसके लिए संबंधित दिव्यांग मतदाता को अपने बीएलओ को सूचना देना होगी, जिस पर बीएलओ द्वारा उन्हें अलग से पास दिया जायेगा, जिसके आधार पर उन्हें ये सब सुविधा मतदान के दिन उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि निःषक्तजनों को मतदान के दिन पास जारी किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि निःषक्त मतदाताओं को मतदान केन्द्र के अंदर जाने में भी यदि समस्या हो तो उनकी सहायता के लिए उनके एक परिवारजन को सहयोग के लिए मतदान कक्ष तक जाने की अनुमति रहेगी। साथ ही नेत्रहीन मतदाताओं के लिए ब्रेल लिपि की सुविधा भी मतदान के दौरान उपलब्ध रहेगी, ताकि वे भी अपनी पसंद के प्रत्याषी के पक्ष में बिना किसी सहारे के मतदान कर सकें। उन्होंने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं के एक मत का भी उतना ही महत्व है, जितना एक सामान्य मतदाता के एक मत का।
स्वीप के नोडल अधिकारी श्री नीलेश रघुवंशी प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने ग्रामों में मतदाताओं व महिलाओं को बताएं कि वे जो वोट डालेंगे वह वीवीपैट मशीन में देखकर उसकी पुष्टि भी कर सकते है कि जिस प्रत्याशी के पक्ष में उन्होंने मतदान किया था वोट उसी के पक्ष में गया की नही। उन्होंने कहा कि मतदान करने में अधिकतम एक मिनिट लगता है, लेकिन उस मत से चुने गए प्रत्याषी को 5 वर्ष का कार्यकाल मिलता है। उन्होंने बताया कि इस बार वोटर पर्ची जारी तो होगी लेकिन पहचान के दस्तावेज के रूप में इस बार उसे मान्यता नही दी गई है। अतः वोट डालने जाते समय वोटर कार्ड अथवा आधार कार्ड अथवा फोटोयुक्त पासबुक, पासपोर्ट, ड्राइविंग लायसेंस जैसे दस्तावेज लेकर जायें। 

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