Wednesday, 6 March 2019

स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी अधिकाधिक दौरे करें - कलेक्टर श्री गढ़पाले

स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी अधिकाधिक दौरे करें - कलेक्टर श्री गढ़पाले

जिला टीकाकरण अधिकारी का एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए

खण्डवा 6 मार्च, 2019 - स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी व सेक्टर सुपरवाइजर्स अपने अपने क्षेत्र के ग्रामों का अधिक से अधिक भ्रमण करें तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा नियमित रूप से करें। दोनों विभागों के विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी संयुक्त बैठकें लें तथा टीकाकरण, मातृ व शिशु कल्याण से संबंधित योजनाओं की संयुक्त समीक्षा करें। यह निर्देश कलेक्टर श्री विशेष गढ़पाले ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक में दिए। बैठक में उन्होंने मीजल्स रूबेला अभियान में उल्लेखनीय प्रगति न होने तथा गत कई बैठकों में लगातार अनुपस्थिति पर जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. अनिल तंतवार का एक माह का वेतन भुगतान न करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा कलेक्टर श्री गढ़पाले ने महिला बाल विकास के पंधाना विकासखण्ड के परियोजना अधिकारी की एक वेतन वृद्धि रोकने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत निर्धारित लक्ष्य पूरे होने तक स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षकों के वेतन भुगतान को रोका जाये।
बैठक में कलेक्टर श्री गढ़पाले ने सभी बीमएओ को निर्देश दिये कि मीजल्स-रूबैला टीकाकरण अभियान के तहत टीकाकरण से छूट गए बच्चों के घर-घर जाकर आगामी एक सप्ताह में शतप्रतिशत बच्चों का टीकाकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वास्थ्य कार्यक्रम और योजनाओं का लक्ष्य अनुसार 31 मार्च तक पूर्ति करें। सभी सुपरवाईजर अपने-अपने क्षेत्र में रिकार्ड का संधारण करें जो भी कार्य किया जा रहा है उसका रजिस्टर में इन्द्राज किया जावें। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने निर्देश दिए कि ब्लाॅक स्तर के स्वास्थ्य कार्यकर्ता को नियमित रूप से दक्षता उन्मुखीकरण का प्रशिक्षण दिया जायें। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव एवं टीकाकरण आदि के किये जा रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के कार्य को क्रास चैक करें तथा जिन कर्मचारियों के कार्य में प्रगति नहीं होती ऐसे स्थिति में सम्बन्धित बी.एम.ओ. के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। परिवार कल्याण कार्यक्रम अंतर्गत पंधाना, पुनासा, हरसूद क्षेत्र के सुपरवाईजर को लक्ष्य अनुसार केम्प में उपलब्धि कम होने के कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया। इसी प्रकार कुष्ठ कार्यक्रम अंतर्गत खालवा क्षेत्र में कम उपलब्धि पर वहां एन.एम.एस. को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। मातृ-म्त्यु एवं शिशु मृत्यु की भी समीक्षा की गई। सभी बीएमओ को निर्देश दिये किं जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना, परिवार कल्याण, एनआरसी में भर्ती बच्चों और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय भुगतान करने के पश्चात ही वेतन आहरण करें। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. रतन खंडेलवाल, सिविल सर्जन डाॅ. ओ.पी. जुगतावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास संजय भारद्वाज, डी.एच.ओ. डाॅ. एन.क.े सेठिया अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे। 
 बैठक में कलेक्टर श्री गढ़पाले ने पोषण पुनर्वास केन्द्रों में क्षमता अनुसार कुपोषित बच्चे भर्ती न होने पर नाराजगी प्रकट की तथा इस क्षेत्र के बीएमओ व सीडीपीओ को निर्देश दिए कि पोषण पुनर्वास केन्द्र का कोई पलंग खाली न रहे, बल्कि अधिक से अधिक कुपोषित बच्चे इन केन्द्रों में भर्ती होते रहे, ताकि उनके पोषण स्तर को सुधारा जा सके। उन्होंने कहा कि जो आशा कार्यकर्ता ठीक कार्य नही कर रही है उन्हें हटाकर उनकी जगह नई आशा कार्यकर्ताएं नियुक्त की जायें। उन्होंने कहा कि सभी एएनएम व स्वास्थ्य कार्यकर्ता मुख्यालय पर रहे तथा ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायें।

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