खण्डवा जिले के विकास के लिए सभी मिलजुलकर प्रयास करें
- प्रभारी मंत्री श्री सिलावट
फसल ऋण माफी योजना का जिले में बेहतर क्रियान्वयन करें - कृषि मंत्री श्री यादव
जिला योजना समिति की बैठक सम्पन्न
खण्डवा 09 फरवरी, 2019 - जिला योजना समिति की बैठक प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा खण्डवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में शनिवार को सम्पन्न हुई। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सचिन यादव, विधायक हरसूद कुंवर श्री विजय शाह, विधायक खण्डवा श्री देवेन्द्र वर्मा, विधायक मांधाता श्री नारायण पटेल तथा बुरहानपुर विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह, कलेक्टर श्री विशेष गढ़पाले, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ बहुगुणा सहित विभिन्न अधिकारी व समिति के सदस्य मौजूद थे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि खण्डवा जिले के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों व अधिकारी-कर्मचारियों को मिलजुलकर समन्वित प्रयास करना है। विकास के मामले में विचार धारा या दलगत भावना आड़े नही आयेगी। विकास के मुद्दे पर कोई समझौता नही किया जायेगा। कृषि मंत्री श्री यादव ने बैठक में कहा कि फसल ऋण माफी योजना से प्रदेश के किसानों को काफी राहत मिलेगी। इस योजना का खण्डवा जिले में बेहतर ढंग से क्रियान्वयन किया जाना चाहिए।
बैठक में प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि खण्डवा शहर की सबसे प्रमुख समस्या यहां बायपास रोड व रिंग रोड का न होना है। इस समस्या से निपटने के लिए शासन स्तर पर उच्च स्तरीय प्रयास किये जायेंगे तथा शीघ्र ही शहर को बायपास रोड की सौगात मिलेगी। बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा अब तक इस संबंध में की गई तैयारियों की जानकारी ली तथा कलेक्टर श्री गढ़पाले को शहर के लिए सबसे बेहतर विकल्प चुनकर उसी के अनुरूप बायपास रोड स्वीकृत कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लोक निर्माण मंत्री एवं प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग से भी चर्चा कर शीघ्रता से खण्डवा शहर की इस समस्या को हल किया जायेगा। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए दोनों बस स्टेण्ड से बसो की रवानगी की व्यवस्था पूर्ववत जारी रखी जाये।
प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने बैठक में कहा कि जनसुनवाई में आने वाले गरीब व परेशान आवेदकों को सम्मान से बिठाकर उनकी समस्याएं सुनी जाये तथा उनका मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जाये। उन्होंने आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में पेयजल समस्या के निराकरण के लिए व्यवस्थित कार्य योजना बनाने के निर्देश भी कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल व आंगनवाड़ियों तथा गरीब बस्तीयों में पेयजल समस्या न हो इस पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि पिछली ग्रीष्म ऋतु में जिन ग्रामों में जहां पेयजल की अधिक समस्या रही थी वहां पेयजल व्यवस्था के लिए अभी से आवश्यक स्वीकृति लेकर कार्य करा लिए जायें, ताकि इस गर्मी में वहां के लोग परेशान न हो। प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के नामांतरण व बटवारे के लंबित सभी प्रकरणों का निराकरण 15 फरवरी तक अनिवार्यतः कर दें तथा जिन्हें ऋण पुस्तिका वितरित की जाना है, उन्हें बटवा दें। उन्होंने कहा कि गरीब व निराश्रितों को पेंशन समय पर मिले तथा बढ़ी हुई दर से मिले यह भी सुनिश्चित किया जाये। प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना समन्वय अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था रहे यह सुनिश्चित किया जाये। इसके लिए विधायक निधि, सांसद निधि व अन्य मदो से जो भी चाहिए वह दिलाई जायेगी।
कृषि मंत्री श्री यादव ने बैठक में कहा कि फसल ऋण माफी योजना के तहत 22 फरवरी से किसानों के खातों में ऋण माफी की राशि जमा की जाना है, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली जाये। किसानों ऋण माफी के लिए प्राप्त आवेदनों की विधिवत जांच कर पात्र किसानों की सूची को अंतिम रूप दिया जाये। अपात्र किसानों के आवेदन निरस्त कर उन्हें अपात्रता की जानकारी दे दी जाये।
कलेक्टर श्री गढ़पाले ने जिले में किए गए नवाचारों के बारे में बताया
कलेक्टर श्री गढ़पाले ने इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री सिलावट व कृषि मंत्री श्री यादव को गत महीनों में जिले में किए गए नवाचारों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए नवाचारों से शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्यु दर तथा बच्चों के कुपोषण स्तर में कमी आयी है। कृषि क्षेत्र में मशरूम उत्पादन, लाख उत्पादन, कड़कनाथ इकाई की स्थापना एवं मधुमक्खी पालन से शहद उत्पादन जैसे उल्लेखनीय कार्य किए गए है, जिससे कम लागत में किसान अच्छी आय प्राप्त कर रहे है। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में भी कई नवाचार किए गए है। प्रतिष्ठित संस्थानों से वीडियो लेक्चर्स तैयार कराकर शिक्षक विहीन स्कूलों के बच्चों को एलईडी टीवी पर दिखाकर शिक्षित किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री गढ़पाले ने बैठक में बताया कि ज्ञान सेतू पाठ्यक्रम के तहत आॅडियो लेक्चर्स भी स्कूलों के बच्चों को सुनवाकर शिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आईआईटी व नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए कोटा की एलेन कोचिंग से वीडियो कान्फे्रंस के माध्यम से उत्कृष्ट विद्यालयों में विद्यार्थियों को तैयारी कराई जा रही है। खालवा क्षेत्र में छोटे बच्चों को कोरकू बोली में शिक्षित करने के लिए पुस्तके तैयार कराई गई है। साथ ही वन्या रेडियो के माध्यम से कोरकू बोली के माध्यम से शासन के योजनाओं की जानकारी खालवा क्षेत्र के आदिवासी ग्रामों में रहने वाले ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है। महिलाओं में कुपोषण दूर करने के लिए उन्हें स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपने समक्ष आयरन की गोली तथा बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उन्हें थर्डमील का पोष्टिक आहार खिला रही है। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्रों में बाला पेटिंग कराकर उन्हें आकर्षक बनाया गया है तथा दीवारों पर बने चित्रों की मदद से बच्चे अक्षर ज्ञान व अंकों का ज्ञान प्राप्त कर रहे है। खण्डवा जिले के 700 से अधिक ग्रामों में साक्षर भारत की 2706 कक्षाएं लगाई जा रही है, जिनमें 44 हजार से अधिक महिला व पुरूष शिक्षित हो रहे है।
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