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Friday, 10 August 2018

वीडियों कान्फे्रंस के माध्यम से किसानों को दी सलाह

वीडियों कान्फे्रंस के माध्यम से किसानों को दी सलाह

खण्डवा 10 अगस्त, 2018 - कृषकों की समसामयिक समस्याआंे के समाधान के लिए शुक्रवार को विडियो कांफ्रेस्ंिाग का आयोजन किया गया। जिसमें प्रत्येक विकासखण्ड जनपद के वी.सी. हाॅल में अनुविभागीय कृषि अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, बी.टी.एम., ए.टी.एम. बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित हुए व जिला स्तर पर उप संचालक कृषि श्री आर.एस.गुप्ता, सहायक संचालक कृषि श्री जयपाल पटेल, सहायक संचालक कृषि श्रीमति कविता गवली, कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक डाॅ. आषीष बोबडे़, पषु चिकित्सक डा.ॅ नीरज कुमुद, मत्स्य विभाग से श्री मनोज कवड़े, रेषम विभाग से श्री राजेन्द्र माहेष्वरी आदि उपस्थित रहे।
 वी.सी. में किसानो के द्वारा मुख्य रूप से खरीफ फसलो के रोग व कीटो के संबंध में चर्चा की गई। जिसमें प्रमुख रूप से सोयाबीन फसल का पीला पड़ना, कपास की फसल में गुलाबी इल्ली का प्रकोप, मंूगफली में व्हाईट ग्रप का प्रकोप एवं अन्य विभागीय योजनाओ से संबंधित चर्चा की गई। कृषि वैज्ञानिक द्वारा सलाह दी कि मंूगफली व सोयाबीन में व्हाईट ग्रब के उपचार हेतु क्लोरोपायरीफाॅस 45 मि.ली. प्रति पंप या वर्टिसिलियम लिकेनी 1.5 कि.ग्रा. प्रति एकड ड्रैचिंग करें। पषुपालन से संबंधित थनेला रोग के संबंध में पषु चिकित्सक द्वारा बताया गया कि संबंधित पषु चिकित्सालय में रोग की पहचान कराकर उपचार करावें। साथ ही ऐजोला की खेती एवं पषुओं में दुग्ध उत्पादन व वसा बढाने हेतु समझाईष दी गई। मत्स्य अधिकारी द्वारा मछली पालन के संबंध में बताया गया कि कम वर्षा होने पर कामन कार्प मत्स्य बीज एवं बोनसाई 10 से.मी. के मत्स्य बीज संचयन करने से 6-8 माह में प्रति एक मछली 1 कि.ग्रा. वजन की होगी जिससे उत्पादन अच्छा होगा। उप संचालक कृषि श्री गुप्ता ने किसान भाईयों से अपील की कि वे प्रत्येक शुक्रवार को 3 से 4 बजे तक जनपद वी.सी. हाॅल में उपस्थित होकर अपनी कृषि, उद्यानिकी, पषु, रेषम, मत्स्य पालन से संबंधित समस्याओं का समाधान करावें।

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