लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत 3 अधिकारियों पर लगा अर्थदण्ड
नायब तहसीलदार श्री गोलकर को 11000, पाराषर को 750 व सीईओ श्री मुवेल को देना होंगे 2000 रू.
खण्डवा 8 अगस्त, 2018 - प्रदेष सरकार ने लोकसेवा गारंटी अधिनियम लागू कर नागरिकों को अधिसूचित सेवाएं समय सीमा मंे उपलब्ध कराने की गांरटी दी है। निर्धारित अवधि में नागरिकों को सेवा उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियों पर 250 रू. प्रतिदिन के मान से अर्थदण्ड लगाया जाता है। इसीक्रम में कलेक्टर श्री विषेष गढ़पाले ने पंधाना के नायब तहसीलदार श्री एस.आर. गोलकर पर 11 हजार रू. का अर्थदण्ड लगाया है, यह अर्थदण्ड कुल 15 प्रकरणों आवेदन समय सीमा से बाहर होने पर लगाया गया है। लोकसेवा के जिला प्रबंधक श्री शैलेन्द्र सिंह जादम ने बताया कि नायब तहसीलदार श्री गोलकर द्वारा कुल 15 आवेदनों मंे से 1 आवेदक को 15 दिन विलंब से तथा 3 आवेदकों को 4-4 दिन , एक आवेदक को 7 दिन तथा 10 आवेदकों को 1-1 दिन विलंब से सेवा उपलब्ध कराई गई। इस कारण से यह अर्थदण्ड लगाया गया है। अर्थदण्ड से प्राप्त कुल 11 हजार रू. की यह राषि पीड़ित आवेदकों को भुगतान की जायेगी।
इसके अलावा नायब तहसीलदार सिंगोट श्री अरविंद पाराषर द्वारा आवेदकों को निर्धारित समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध न कराने पर कलेक्टर श्री विषेष गढ़पाले ने श्री पाराषर पर 750 रू. का अर्थदण्ड लगाया गया है। आवेदक के सीमांकन संबंधी आवेदन का निराकरण निर्धारित समय सीमा निकल जाने के 3 दिन बाद किया गया था, अतः 250 रू. प्रतिदिन के मान से यह अर्थदण्ड लगाया गया है। यह राषि पीड़ित आवेदक श्री दगडू पिता मायाराम निवासी कोहदड़ को भुगतान की जायेगी। इसके अलावा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत किल्लौद श्री रवि मुवेल द्वारा एक आवेदक को निर्धारित समय सीमा निकल जाने के 2 दिन बाद सेवा उपलब्ध कराई गई तथा 6 आवेदकों को निर्धारित समय सीमा निकल जाने के 1 दिन बाद सेवा उपलब्ध कराई गई, अतः कलेक्टर श्री गढ़पाले ने कुल 2000 रू. का अर्थदण्ड श्री मुवेल पर लगाया गया है। यह राषि पीड़ित आवेदकों को भुगतान की जायेगी।
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