कुपोषण से जंग और दस्तक अभियान के साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न
खण्डवा 05 जून, 2017 - कुपोषण जंग कार्यशाला में कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीणा नायक ने रविवार को स्थानीय गौरी कुंज में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल सुरक्षा विकास को निर्देश दिये कि कुपोषण की जंग को सफल बनाये और दस्तक अभियान को सुचारू रूप से सम्पन्न कराये। सभी बी.एम.ओ., सीडीपीओ प्राथमिकता से काम करें, कार्य में लापरवाही नहीं करें। विशेष कर कुपोषण, पोषण आहार, एनीमिया, टीकाकरण गर्भवती महिलाओं को टेªकिंग की जावें उन पर विशेष ध्यान रखा जावें। कलेक्टर श्रीमती नायक ने समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम विशेष कर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण, परिवार कल्याण पर भी ध्यान दिया जावें। क्षेत्र में नियमित रूप से भ्रमण कर ग्रामीण जनों को जागरूक करें । स्वास्थ्य व महिला बाल विकास की योजनाओं की जानकारी दी जावें। आंगनवाड़ी, आशा, सहयोगी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सुपरवाईजर की अहम भूमिका है।
कलेक्टर श्रीमती नायक ने सभी अधिकारी व कर्मचारी, सुपरवाईजर अपने मुख्यालय पर रहना सुनिश्चित करें अन्यथा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। जो सेक्टर प्रभारी काम नहीं करेगें उन पर कार्यवाही की जावेगी। प्रत्येक माह 5 सेक्टर सुपरवाईजर जो काम नहीं कर रहे उन पर कार्यवाही की जावेगी जो सेक्टर सुपरवाईजर अच्छा कार्य करेगें उन्हें 15 अगस्त पर पुरस्कृत किया जायेगा, क्षेत्र में किसी भी बच्चे व माताओं की मृत्यु नहीं हो।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. अवास्या व्दारा 2016-17 राष्ट्रीय कार्यक्रमों व स्वास्थ्य योजनाओं की लक्ष्य उपलब्धि की जानकारी दी। डी.पी.एम. डॉ. शिवराजसिंह चौहान व्दारा बताया कि दस्तक अभियान 15 जून से 15 जुलाई तक चलाया जावेगा जिसमें आशा, आंगनवाड़ी व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं व्दारा घर-घर जाकर जन्म से 5 वर्ष के बच्चों को सेवायें दी जायेगी इसके लिए ब्लाॉक स्तर पर आशा, आंगनवाड़ी व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सुपरवाईजर को प्रशिक्षण दिया जावेगा ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय भारद्वाज व्दारा वर्तमान में कुपोषण की स्थिति और उसे कैसे निपटा जाये सम्बन्धित जानकारी दी गई । यूनिसेफ इन्दौर के मनोज चौहान व्दारा कुपोषण व एन.आर.सी. की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला में सेक्टर स्तर की कार्ययोजना सेक्टर सुपरवाईजर से बनवाई गई। वहां की समस्या और समाधान कैसे करेंगे आदि विषय पर विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। सेक्टर से ब्लॉक की कार्य योजना बनाकर कार्य किया जावेगा जो ब्लॉक व जिला स्तर पर कमी है उसे पूर्ण किया जावेगा, प्रत्येक ब्लॉक व्दारा अपनी-अपनी कार्ययोजना बनाकर प्रजेन्टेशन किया गया।
कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग व महिला बाल विकास के कार्यक्रम अधिकारी, सभी परियोजना अधिकारी, सुपरवाईजर महिला एवं बाल विकास, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, सुपरवाईजर, बी.ई.ई., बीसीएम बी.पी.एम., उपस्थित थे ।


No comments:
Post a Comment