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Friday, 3 July 2015

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद 



खण्डवा 3 जुलाई,2015 -  प्रदेष के मुख्यमंत्री श्री षिवराज सिंह चौहान ने आज वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेष के विभिन्न जिलों के उत्कृष्ट विद्यालयो के वर्चुअल क्लासेस में अध्ययनरत् विद्यार्थियों से डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के बारे में विस्तार से बातचीत की तथा इस कार्यक्रम को और अधिक बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों से सुझाव लिए उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा किए गए प्रष्नों के जवाब भी इस अवसर पर दिए। कलेक्ट्रेट खण्डवा के एनआईसी कक्ष में आयोजित वीडियों कान्फ्रेसिंग में कलेक्टर डॉ. एम.के.अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित तोमर, एसडीएम श्री शाष्वत शर्मा, डिप्टी कलेक्टर डॉ. प्रियंका गोयल, व श्री अरविंद चौहान, संयुक्त कलेक्टर श्रीमति माला श्रीवास्तव, जिला षिक्षा अधिकारी एस.के.राजपूत, डीपीसी श्री सोलंकी सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे। 
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा  कि सूचना प्रौद्योगिकी का क्षेत्र संभावनाओं से भरा है। आज सूचना प्रौद्योगिकी सफलता की कुँजी है, इसमें पीछे नहीं रहें। मध्यप्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों को वर्चुअल क्लास की सुविधा से जोड़ा जायेगा। अभी 2000 स्कूल में यह सुविधा शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ डिजिटल इंडिया सप्ताह के तहत वीडियो कान्फ्रेसिंग में 400 वर्चुअल क्लास के माध्यम से 16 हजार विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकास की नयी उड़ान भरें और अपने परिश्रम से आसमान को छू लें। समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश बनाने के लिये शिक्षित मध्यप्रदेश बनाना होगा, इसमें सूचना प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा की गुणवत्ता के क्षेत्र में आज मध्यप्रदेश की विशिष्ट पहचान है। शासकीय स्कूलों के बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में वर्चुअल क्लास की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रदेश के सभी स्कूलों में यह सुविधा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ना है तो तकनीकी का लाभ लेना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मेक इन इंडिया के साथ डिजिटल इंडिया की बात कही है। अब हम डिजिटल मध्यप्रदेश के लिये काम करेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के युवा देश और दुनिया में नाम कर रहे हैं। प्रदेश के 10,000 प्रतिभावान बच्चों को राज्य सरकार इस वर्ष लेपटाप उपलब्ध करायेगी। प्रतिभावान विद्यार्थियों को शिक्षा के लिये हरसंभव मदद दी जायेगी। 
  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर बच्चे तक सूचना प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा पहुँचायी जायेगी। प्रदेश के 2000 स्कूल में कम्प्यूटर सेंटर शुरू किये जायेंगे। आम जनता तक तकनीकी सुविधा पहुँचाने के लिये हर पंचायत को ब्राड बेंड कनेक्टिविटी उपलब्ध करवायी जायेगी। रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने में सूचना प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में युवाओं के लिये मुख्यमंत्री युवा उद्यमी और मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना जैसी योजनाएँ शुरू की गयी हैं, जिनके माध्यम से प्रदेश के युवा बड़े उद्यमी बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएँ हैं। डिजिटल इंडिया के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में बी.पी.ओ. के माध्यम से रोजगार उपलब्ध होंगे। ग्रामीण क्षेत्र में पन्द्रह बी.पी.ओ. शुरू किये जायेंगे। मध्यप्रदेश मोबाईल एप बनाया गया है जिसमें राज्य सरकार से संवाद हो सकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में शासकीय कार्यों के लिये ई-मेल नीति बनायी गयी है। महाविद्यालयों में प्रवेश की ऑनलाइन व्यवस्था की गयी है। डिजिटल इंडिया के तहत ई-दक्ष योजना बनायी गयी है, जिसमें पाँच वर्ष में 8 लाख कर्मचारियों को कम्प्यूटर संचालन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रदेश में ई-पंजीयन और डिजिटल जाति प्रमाण-पत्र देने की सुविधा शुरू की गयी है। महाविद्यालयों में ऑनलान छात्रवृत्ति भुगतान की व्यवस्था लागू की गयी है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे बेहतर प्रदेश और बेहतर देश बनाने में योगदान करें। 
इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. अग्रवाल ने उपस्थित जिला षिक्षा अधिकारी को निर्देष दिए कि जिले में डिजिटल इंडिया सप्ताह के तहत निबंध, भाषण व चित्रकला प्रतियोगिताएं सभी स्कूलों में आयोजित करें तथा विकासखण्ड स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को जिला स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में शामिल कराये। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर प्रतियोगिताओं में विजेता विद्यार्थियों को पुरूस्कृत किया जायेगा। कलेक्टर डॉ. अग्रवाल ने इस अवसर पर जिला षिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक व सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को स्कूली विद्यार्थियों के डिजिटल जाति प्रमाण पत्र तैयार कराने के कार्यक्रम में गति लाने के निर्देष दिए। उन्होंने इस अवसर पर छात्रवृत्ति वितरण की भी जानकारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास से ली। 
    क्रमांक/20/745/2015/षर्मा

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